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Camphor Oil Health Benefits And Uses in Hindi

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 Definition - कपूर एक घर में काम आने वाली वस्तु है। यह अति सुगन्धित होता है और भारत में इसे घरों में शाम के समय जलाया जाता है ताकि घर में इसकी सुगंध फ़ैल जाये और घर में से नकारात्मक ऊर्जा तथा नकारात्मक शक्तियां बाहर भाग जाएँ। ये दो तरह की होती है - Natural और Laboratory Camphor  . प्राकृतिक कपूर का उपयोग पूजा पाठ, tantra-mantra, जादू-टोना, इत्यादि में खूब किया जाता है। हिन्दू धारणा में तो कपूर के बिना पूजा, पाठ, हवन आदि को अधूरा माना जाता है। चाहे किसी भी प्रकार का हवन हो रहा हो, चाहे घर में हो रहा हो या किसी Factory में हो रहा हो या किसी अन्य जगह ही क्यों न हो रहा हो, कपूर अवश्य जलाकर हवन आरम्भ किया जाता है। 


Healthy Lifestyles - Camphor Oil Benefits


हजारो सालों से Camphor और Camphor Oil को Health Plus Point की श्रेणी में रखा गया है। धार्मिक जगत में कपूर का एक विशेष स्थान है। इसके इतने अधिक उपयोग हैं कि जिनके करने से आप अपने घर में शांतिपूर्ण वातावरण और Health Related Problems का बड़ी आसानी से ही कुछ Home Remedies के द्वारा समाधान कर सकते हैं। 

Health Benefits of Camphor Oil


कपूर लिवर,गुर्दों और पेशाब की नली की सूजन में लाभ पहुंचाता है। यह दिल को ताकत देता है और दिमाग को ठंडक देता है। निमोनिया अतिसार और फेफड़ों के जखम में लाभ पहुंचाता है। त्वचा रोगों में इसके प्रयोग से  फायदा मिलता है। बहुत से लोगों को कुछ ऐसी फोड़े-फुंसियां निकलती हैं जो कि फैलती जाती हैं। इस प्रकार की फुंसियों को ठीक करने के लिए कपूर का उपयोग बड़ा लाभकारी होता है। 


वातावरण साफ़ करता है कपूर


कपूर के अंदर एक शक्तिशाली खुशबू  का गुण होता है। इसकी खूशबू से आस-पास के कीड़े मर जाते हैं और कई रोगों से बचाव होकर वातावरण साफ़ हो जाता है। Cholera यानि हैजा फैलने पर इस कपूर का प्रयोग किया जाता है। 

यह बड़ी जल्दी खून में मिल जाता है और शरीर के अंगों की घटी हुई तथा बढ़ी हुई शक्ति को Balance कर देता है। Titnes रोग में इसका विशेष लाभ होता है। इसके अलावा यह दिल की धड़कन, बुखार, सूजन,दमा, कुकर खांसी, सांस का फूलना, पेशाब की रूकावट हो जाना, औरतों में उन्माद आ जाना, गठिया, Joint Pain, Gout,Body Pain, इत्यादि रोगों में बहुत लाभ देने वाला बताया गया है। 

कपूर वातरोगों को खत्म करने वाला होता है। Blood के अंदर W B C  यानि सफ़ेद रक्त कणिकाओं को बढ़ाता है। यह दाह को मिटाने वाला होता है, पसीना लाता है और खाँसी  को दूर करता है। इसका अधिक मात्रा में प्रयोग करने से सम्भोग-शक्ति पर गलत प्रभाव पड़ता है। इस बात का ध्यान रखना चाहिए। 

यह औरतों के स्तन के दूध में कमी करता है। दिल की रक्त वाहनियों को संकुचित करता है और उत्तेजित करता है। कम मात्रा में इसको ले लिया जाए तो यह पुरे शरीर में शीघ्रता से उत्तेजना पैदा कर देता है। फिर इसका विषैला प्रभाव दिखाई देता है। 


कपूर का वातनाशक गुण -


कपूर में वात-रोगों को नष्ट करने का गुण होता है। अमाशय के रोगों में, दस्तों में, आँतों के रोगों में बहुत फायदेमंद है। उलटी, पेट का फूलना आदि रोगों में इस कपूर का अर्क प्रयोग किया जाता है। कपूर के अर्क में एक विशेषता होती है, ये बड़ी जल्दी शरीर में खून में मिल जाता है। 


कफ रोगों में कपूर का प्रयोग -


कफ के रोगों में कपूर का प्रयोग बहुत ही लाभकारी होता है। कफ, दमा सांस की सूजन में कपूर को देने से कफ बाहर निकल जाता है।  फेंफड़ों की ताकत को बढ़ाता है। 
दमे की हालत में रोगी को कपूर और हींग एक ग्राम का पांचवा हिस्सा देने से आराम आ जाता है। चाहे तो शहद मिला सकते हैं। 


Rheumatic Heart Diseases 


दिल के रोगियों में कई बार पेट में गैस इकट्ठी हो जाती है। उस गैस के कारण हृदय की कार्यकुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और सांस उखड़ने लगती है। इस हालत में कपूर को देने से लाभ पहुँचता है। दिल की सारी बीमारियों में कपूर देने से राहत होती है। दिमाग की नस-नाड़ियों की खराबी के कारण उत्पन्न हुए रोगों को ठीक करता है।  "maternity lady" को होने वाले उन्माद में दो रत्ती कपूर देने से फायदा होता है। 


Joint Pain and Camphor oil


कपूर का तेल joint pain के लिए बहुत बढ़िया रहता है। तिल का तेल लेकर उनमे आग में गरम करना चाहिए। जब तेल उबलने लग जाए तो उसमे थोड़ा कपूर, थोड़ा सा हींग, थोड़ा सा अजवाइन डालें। ये सभी चीजें जब काली पड़ जाएँ तो उतारकर ठंडा कर के छान लें। इस तेल को रोज रात में हलके हाथ से joint pain से ग्रस्त जोड़ों पर मालिश करें। कुछ दिन में दर्द में पूरा आराम हो जाएगा। 


फोड़ा ठीक करने के लिए -


अगर की इंसान को फोड़ा हो गया है और ठीक नहीं हो रहा है तो यह तरिका आजमाएं। कपूर और नरकचूर दोनों को दस-दस ग्राम लेकर बिलकुल बारीक चूर्ण बना लें। इसमें बराबर मात्रा में गुड़ मिलाकर एक चटनी की तरह बना लें। फिर इस लेप को किसे रुई या सूती कपडे पर फैला दें। कपड़े में एक छेद बना लें और इस कपडे को फोड़े पर बाँध लें। सिर्फ दो या तीन या चार दिन के अंदर ही फोड़ा अपने आप फूट जाता है। इसमें दर्द भी नहीं होता और सबसे बड़े कमाल की बात तो ये है कि इस तरीके को आजमाने वाले को उस जगह पर निशान नही होता। अगर होता भी है तो बहुत जल्द भर जाता है। उस जगह का निशान त्वचा रंग में मिल जाताहै। 

दमे में आराम 


हींग और कपूर को एक एक ग्राम मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। इसकी इस दो ग्राम मात्रा में से सात गोलियां बना लें। हर तीन घंटे के बाद एक गोली दमे के रोगी को देने से विशेष फायदा मिलता है। हो सके तो तारपीन के तेल की हलके हाथ से रोगी की छाती पर मालिश करें। 

Body Pain में राहत 


बीस ग्राम कपूर को लेकर 200 ग्राम सिरके में मिला लें। फिर इस में इतना ही पानी मिला लें। सूती कपडे को इस घोल में भिगोकर शरीर के जिस अंग में दर्द हो रहा हो उस अंग में रखने से उस जगह की पीड़ा समाप्त हो जाती है। 

आधा ग्राम कपूर और आधा ग्राम अफीम को सुजाक के रोगी को तीन पुड़िया बनाकर देने से सुजाक के रोगी को पेशाब करते समय होने वाले दर्द में आराम मिलता है। 

Quick Remedy for Cough and Cold 



किसी कागज में या वैसे ही कपूर को जलाकर उसका धुआँ सूँघने से जुकाम ठीक हो जाता है। नौसादार के साथ कुनैन देने से निमोनिया में कुछ लाभ मिलता है। 

दांत के दर्द होने पर कपूर का तेल दांत के खड़े में  लेने से दर्द दूर हो जाता है.

मांसपेशियों का दर्द 


राई के तेल में कपूर तथा अफीम मिलाकर तीन दिन धूप में रख कर अच्छी तरह मिला कर रख लें। इस तेल को शरीर पर मालिश करने से गठिया के पुराने दर्द से निजात मिलती है और मांसपेशियों का दर्द ठीक हो जाता है। 

बिच्छू का डंक 

बिच्छू का डंक लगने पर एक उपाय करें जिससे तुरंत फायदा मिलेगा। कपूर और सिरके को मिलाकर उस डंक वाली जगह पर लगा लें। तुरंत लाभ होगा। यदि किसी को बर्र अथवा Honey Bee लड़ गयी हो तो ये लेप लगा लीजिये, आपको न सूजन होगी न जलन रहेगी। 

आँख की फूली 

बरगद के दूध में कपूर को महीन पीस कर आँख में लगाने से, आँख की फूली ठीक हो जाती है। ये प्रयोग किसी जानकार वैध या हकीम की देखरेख में ही करें। अपने-आप अकेले बिलकुल भी ना करें। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। 

पित्त उछलना 


पिती ( त्वचा पर लाल चकते होना ) , नारियल के तेल में कपूर को मिलाकर मालिश करने से लाभ होता है। लेकिन चाय,लाल मिर्च, इमली, चावल, गुड़ आदि का और बाजार की तली हुई चीजों का परहेज रखना चाहिए।

 नकसीर 


 नक्सीर( blooding from nose ) होने पर कपूर को गुलाब जल में पीसकर माथे पर लगाने से आराम होता है और नाक से खून निकलना बंद हो जाता है। एक ग्राम का चौथा हिस्सा कपूर को गुलाब जल के साथ मिला कर देने से संखिया के जहर में लाभ होता है।

पुरानी खांसी 

पुरानी खांसी में कपूर पूरा फायदा करता है। इसे हींग के साथ कम मात्रा में प्रयोग करने से खांसी ठीक हो जाती है। छाती में जमा बलगम बाहर निकल जाता है। 

Treatment of Chicken Pox  


कपूर में ये विशेषता है कि ये खून का दौरा तुरंत तेज क्र देता है और रोगी को शारीरिक शक्ति अनुभव होने लगती है। 
चेचक में मरीज काफी कमजोर हो जाता है और अनेक बार अजीब सा व्यवहार करने लगता है। ऐसी हालत में रोगी के पैरों के तलवो पर तारपीन के तेल की मालिश करनी चाहिए। एक ग्राम हींग और एक ग्राम कपूर को लेकर पीस लें और इस की पांच गोलियां बना लें। हर चार घंटे के बाद एक गोली को गुनगुने पानी से लेने पर रोगी को शान्ति मिलती है। ऐसा करते समय पूरी सावधानी का उपयोग करें। 

Conclusion 



  हमारे देश में हर घर में सबको देसी नुस्खों और उनके परहेज का ज्ञान होता था। सभी लोग बड़ी बीमारियों का सामना आसानी और धैर्य के साथ कर लेते थे। घर की बड़ी औरतों को इस प्रकार के घरेलु नुस्खों का बहुत ज्ञान होता था। आज से लगभग 200 साल पहले कोई doctor नहीं होता था। उस सभी बच्चे घर में पैदा होते थे। शारीरिक रूप से स्वस्थ होते थे। अगर हम चाहे तो आज के समय में इन home remedies का उपयोग अपने घर में करके अपना और अपने बच्चों का पूरा ख्याल रख सकते हैं। आगे भी इसी तरह की जानकारी के साथ आपसे मुलाक़ात होगी। 
                                            Thanks

                                                     

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                            

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