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Apamarg ki Jad ke Fayde in Hindi

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Cure disease at home with natural treatment. Here are the health benefits of Apamarg such as tooth pain home remedy in hindi, kidney stone treatment in Hindi.


Apamarg ki Jad ke Fayde




                                                                                                                     

Apamarg ki Jad and Health benefits 


अपामार्ग एक ऐसा Herb है जो पुरे भारत में पाया जाताहै। यह प्राकृतिक पौधा हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, के क्षेत्रों में बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह अधिकतर सुखी और रेतीली जगहों पर अपने आप उग आता है। इसका पौधा एक से तीन फ़ीट तक ऊँचा हो जाता है। इसकी टहनियों पर फल बड़ी मात्रा में उलटे लगते हैं। जब कोई आदमी इस पौधे के पास से निकलता है तो उसकी टांगों के कपड़ों पर अपामार्ग के कांटे लग जाते हैं। और मुश्किल से इन कांटेदार बीजों को उतारना पड़ता है। इस चमत्कारी पौधे के सैंकड़ों चमत्कारी उपयोग हैं। मैं जितना जनता हूँ उतना आपके सामने साझा कर रहा हूँ।

इसके बीज, पत्ते, फूल, जड़ आदि सब  देसी इलाज में काम आते हैं। इसके बीज खांसी, प्रतिश्य, आमवात, प्रवाहिका, बवासीर,पेट दर्द, विष इत्यादि में काम आते हैं। इसके पत्तो, छाल, जड़, फूलो का काढ़ा बनाकर पीने से पाचन सम्बन्धी समस्याओं, अमाशय की कमजोरी में लाभकारी है। लिवर पर अच्छा असर पड़ता है और उसकी कार्यकुशलता बढ़ती है। 


अपामार्ग के घरेलु उपयोग -


Migraine Cure with Herb "Apartha" 

अपामार्ग के बीज सिर के दर्द में काम आते  हैँ। किसी व्यक्ति को सिर में दर्द रहता हो तो उसे चाहिए कि अपामार्ग के बीजों को बीस ग्राम लेकर उसे सरसों के 100 ग्राम तेल में पीस लीजिये। फिर इसे कांच की शीशी में डालकर चांदनी (Moon Light) में दो दिन तक रखें। इसके पश्चात इसे छानकर रख लें। अब इस (essential oil) की सिर पर मालिश करते रहने से सदा रहने वाला migraine का इलाज हो जाता है।  

Natural Treatment of Hemorrhoid


बवासीर एक गंभीर बीमारी है जो की कई व्यक्तियों को हो जाती है। इसकी शुरुआत में लोग ध्यान नहीं देते, लेकिन बाद में उनको पछताना पड़ता है। जब ये अधिक बढ़ जाती है तो ऑपरेशन करवाना पड़ता है। बवासीर को ठीक करने लिए अपामार्ग की जड़ का चूर्ण बना कर रख लीजिये। इस herb powder को लगभग आधा चम्मच चावल के पानी के साथ कुछ दिन लें। इसे मीठा करने के लिए शहद या मिश्री मिला सकते हैं। बवासीर में लाभ मिलेगा और धीरे धीरे रोग ठीक हो जायेगा। लेकिन ( Rice bow ) अधिक गरम न हो इस का ध्यान रखें। यह घरेलु उपाय खूनी बवासीर (blood piles) में भी आराम करता है।  

Stop Kidney Stone Pain

2 से 4ग्राम तक अपामार्ग  क्षार लेकर उसे 2 या 3 पत्थरचट्टा के पत्तों के साथ पीसकर पानी या किसी फल के रस के साथ सुबह खाली पेट लेने से दस दिन में ही पथरी टूट-टूट कर शरीर से बाहर निकलने लगती है। 

अगर किसी को पेट में कीड़े हो गए हों तो (apartha leaves juice ) और (शिरीष के पत्तों का रस) बराबर मात्रा में लें। इसमे शहद मिला दे। इस मिश्रण को एक एक चम्मच रोजाना लें। इसके प्रभाव से पेट के कीड़े मर कर बाहर निकल जाते हैं। 


Natural Treatment of Injury Wound


अगर चोट लग गयी हो और खून बह रहा हो तो इस हालत में अपामार्ग(Apartha) के कुछ पते तोड़ कर  हाथों में रगड़ कर उनका रस निकाल लें और इस रस की कुछ बूँदें उस घाव पर टपका दें। आप देखेंगे कि घाव से खून बहना तुरंत बंद हो गया है। पतों(leaves) की लुगदी बाँध लें। घाव जल्दी भर जाता है।  

Eye Sore


आँखों में अगर किसी को सूजन हो, तो उसे अपामार्ग की जड़ ताम्बे के बर्तन में डालकर घिसना चाहिए। फिर उसमे शहद और थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लीजिये। आँखें बंद रखें। इसे आँखों पर बाँध लें। आँखें बंद रखें। फिर बंद आँखों पर ये पुल्टिस बांधें।  आँखों की सूजन समाप्त हो जाती है।  

Tooth Pain Home Remedy in Hindi



दांतो के दर्द में, Apartha leaves चबाकर सेवन करें और रस को हींग मिलाकर दांत और मसूढ़ों पर लगाने  से दाँत का दर्द दूर हो जाता है। और मसूढ़े मजबूत हो जाते हैं।  

एक अन्य मत के अनुसार अपामार्ग के पौधे को जड़ से उखाड़ कर घर पे लाकर साफ़ करके धो लें और उसे आग में जला लें। इस की राख में दो चुटकी फिटकरी चूर्ण  मिलाकर दांतो में कुछ दिन मंजन करें। दांतो का पुराने से पुराना दर्द ख़त्म हो जाता है। दांत जीवन भर मजबूत रहते हैं।  

cholera treatment


हैजा होने पर अपामार्ग की जड़ को नीम्बू के रस में पिने से आशाजनक लाभ होता है।  

Apartha for Sleep Disorder 


जिन लोगों को नींद  नही आती, apartha quath पीना चाहिए। कुछ दिनों में उन्हें नींद आने लग जाती है। काढ़ा बनाने के लिए अपामार्ग  बीस ग्राम की मात्रा में लेकर 400 ग्राम पानी में उबालकर 100 ग्राम बाकी रहने पर पीना चाहिए। 


Urinary System Diseases


अगर किसी को पेशाब में अवरोध हो गया हो, तो अपामार्ग की जड़ बकरी के दूध में घिस लें। इसे पी लें। ऐसा करने से पेशाब का रुक रुक कर आना ठीक हो जाता है और पेशाब सही धार के साथ आने लगता है।  


thorn 

Thorn meaming ( कंटीली झड़ी या किसी पेड़ पर लगने वाले, सुई के आकार के भाग को thorn यानि काँटा कहते हैं )अपामार्ग के चार-पांच पतों को की चटनी की तरह रगड़ लें। गुड़ मिलाकर इसकी गोली बना लें। इन गोलियों को खाने से, एक सप्ताह के अंदर ही काँटा गलकर बाहर निकल जाता है। या फिर अंदर ही सड़ जाता है। इसके पत्तों को पीसकर herb sauce को कांटे वाले स्थान पर बाँध लेने से भी पूरा आराम मिलता है और कांटा बाहर निकल जाता है।  

Other Benefits

अगर खांसी अथवा cold हो गया हो, तो अपामार्ग के पत्तों की राख बना लें। इसमें शहद मिलकर चाटें। इसकी जड़ को छाछ में मिलाकर पीपरामूल मिलाकर पीने से कामला में आराम होता है।  

Menstruation के समय, अपामार्ग(apartha) की जड़ को दूध में घिसकर सात दिन लें।  से स्त्री को संतान की आशा हो जाती है। 
इसके पत्तो का लेप करने से गूमड़ में आराम होता है। 


Conclusion

बहुत से ग्रंथों में अपामार्ग(अपार्था) के अनेक चमत्कारी उपयोग  अलग-अलग प्रकार से बताये गए हैं। इसका प्रयोग तंत्र-मंत्र जादू टोना अत्यादि में भी किये जाने का अनेक जगह वर्णन मिलता है। कुछ तांत्रिक इसको विशेष प्रयोगों में काम लाते हैं। यहां मैंने इसके देसी घरेलु उपयोग बताये हैं।  इनका उपयोग आप अपने दैनिक जीवन में आने वाली छोटी-छोटी परेशानियों के लिए कर सकते हैं। यदि कोई शारीरिक व्याधि ज्यादा परेशान कर रही हो तो doctor से मिलें।  



                                   धन्यवाद
                                      


  


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